लॉन्च के दौरान कोई शुल्क नहीं • अभी चालू है

आपके अस्पताल के बिल में शायद गड़बड़ है।

BillOkay आपके बिल की हर लाइन को सरकारी रेट — CGHS, NPPA, PMJAY — से मिलाकर जांचता है और बताता है कि आपसे कहां-कहां ज़्यादा पैसा लिया गया। सब कुछ WhatsApp पर।

कोई ऐप नहीं चाहिएकोई साइनअप नहींDPDP कानून का पालनलॉन्च के दौरान कोई शुल्क नहीं

बस तीन मैसेज। पूरे बिल की जांच।

कोई ऐप नहीं। कोई फॉर्म नहीं। सिर्फ WhatsApp — जो आप पहले से इस्तेमाल करते हैं।

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अपना बिल भेजें

अपने अस्पताल के बिल की फोटो खींचकर WhatsApp पर BillOkay को भेज दें। बस इतना ही।

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हम हर लाइन जांचते हैं

हमारी टीम हर प्रोसीजर, दवा और सामान की कीमत को CGHS, NPPA, PMJAY, GIPSA और AIIMS के सरकारी रेट से मिलाती है। ज़्यादा वसूली, दोहरी एंट्री और फर्जी आइटम पर निशान लगाती है।

AI इंजन जल्द आ रहा है • अभी इंसानी जांच
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अपनी रिपोर्ट पाएं

आपको मिलती है पूरी जांच रिपोर्ट — ओवरचार्ज की सही रकम, सरकारी रेट के हवाले, तैयार आपत्ति पत्र और बातचीत के लिए कदम-दर-कदम सलाह।

अस्पताल की बिलिंग में बड़ी खामी है।

न पारदर्शिता, न कोई तय नियम। मरीज़ के परिवार — थके हुए, परेशान, घर जाने की जल्दी में — बस चुपचाप भर देते हैं।

📊
₹84,000 करोड़
भारत के निजी अस्पतालों में हर साल इतनी ज़्यादा वसूली
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10 में से 7
अस्पताल के बिलों में गलतियां या बढ़ी हुई रकम होती है
💊
3–10 गुना
दवाओं पर सरकारी तय कीमत से इतना ज़्यादा दाम
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शून्य
भारतीय मरीज़ों के पास बिल जांचने का कोई साधन नहीं
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सरकारी रेट के पैमाने मौजूद हैं— CGHS, NPPA, PMJAY — पर वे 800-800 पन्नों की PDF में दबे हैं, जिन्हें कोई मरीज़ कभी नहीं पढ़ेगा। अस्पतालों को यह पता है।

स्रोत: FICCI-EY Healthcare Fraud Analytics · National Health Accounts (OOPE 47.1%) · NPPA Drug Price Control Order monitoring · NSSO hospitalisation surveys

यह रोज़ होता है।

खबरों, अदालतों और उपभोक्ता मंचों से जांचे-परखे मामले।

NDTV

'10 दिन के इलाज का ₹16 लाख का बिल — 70% ज़्यादा वसूली'

✓ नतीजा: जांच के बाद ₹11 लाख वापस मिले।
Reddit

'आइटम-वार बिल मांगा — ₹38,000 के चार्ज तुरंत गायब हो गए'

✓ नतीजा: मरीज़ के ₹38 हज़ार बचे।
कर्नाटक सरकार

'जून 2024 का नया कानून: अस्पतालों को आइटम-वार बिल देना होगा, वरना जुर्माना'

→ नतीजा: नियमों में बड़ा कदम।
उपभोक्ता अदालत

'दिल्ली के अस्पताल पर ₹5.6 लाख का जुर्माना — एक सर्जिकल आइटम पर 480 गुना दाम वसूला'

✓ नतीजा: अदालत ने पैसे लौटाने का आदेश दिया।
TOI

'निजी अस्पताल ने डेंगू के इलाज के ₹18 लाख लिए, AIIMS में वही इलाज ₹3.5 लाख का था'

→ नतीजा: पूरे सिस्टम की समस्या, NHRC ने दखल दिया।

बिल की पूरी समझ, एक जगह।

अपने अस्पताल के बिल को समझने, सवाल उठाने और घटवाने के लिए जो चाहिए, सब यहां।

☑️

लाइन-दर-लाइन जांच

हर प्रोसीजर, दवा और सामान की जांच CGHS, NPPA, PMJAY रेट से।

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ज़्यादा वसूली की पहचान

बढ़े हुए चार्ज, दोहरी बिलिंग, पैकेज तोड़कर अलग-अलग वसूली और फर्जी आइटम पर निशान।

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सरकारी रेट से तुलना

आमने-सामने तुलना: आपसे कितना लिया गया बनाम सरकारी पैमाने क्या कहते हैं।

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आपत्ति पत्र

अस्पताल के बिलिंग विभाग के लिए तैयार पत्र, जिसमें नियमों और रेट के सही हवाले दिए होते हैं।

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बातचीत की गाइड

क्या बोलें, आगे शिकायत कहां ले जाएं और उपभोक्ता मंच में शिकायत कैसे करें — कदम-दर-कदम सलाह।

🛡️

DPDP कानून का पालन

आपका डेटा न रखा जाता है, न किसी से साझा होता है। जांच के बाद बिल मिटा दिए जाते हैं। Digital Personal Data Protection कानून का पूरा पालन।

🛡️ भरोसेमंद आंकड़े

सरकारी पैमानों पर बना है।

हम अंदाज़ा नहीं लगाते। हर जांच सरकारी रेट डेटाबेस पर टिकी है — पूरी तरह पढ़े और आपस में मिलाए गए, ताकि नतीजे सटीक हों।

🏛️
CGHS 2025मुख्य

केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (CGHS) — 4,000+ प्रोसीजर के रेट।

💊
NPPA

राष्ट्रीय औषधि मूल्य प्राधिकरण (NPPA) की तय सीमा — 900+ दवाओं की अधिकतम कीमतें।

🏥
PMJAY

आयुष्मान भारत के तय रेट — 1,578 पैकेज की कीमतें।

🛡️
GIPSA

सरकारी बीमा कंपनियों के संगठन (GIPSA) के रेट — 131 सर्जिकल पैकेज।

🩺
AIIMS

AIIMS के संदर्भ रेट — 2,300+ बड़े प्रोसीजर।

आम सवाल।

01

BillOkay कैसे काम करता है?

WhatsApp पर BillOkay को अपने अस्पताल के बिल की फोटो भेजें। हमारी टीम हर लाइन पढ़ती है, उसे सरकारी रेट (CGHS, NPPA, PMJAY) से मिलाती है, ज़्यादा वसूली पर निशान लगाती है और आपको पूरी जांच रिपोर्ट भेजती है — साथ में बातचीत के लिए कदम भी।

02

आप किन सरकारी रेट से तुलना करते हैं?

CGHS 2025 रेट (4,000+ प्रोसीजर), NPPA की अधिकतम कीमतें (900+ दवाएं), PMJAY पैकेज रेट (1,578 प्रोसीजर), GIPSA बीमा रेट और AIIMS के संदर्भ रेट।

03

BillOkay की कीमत क्या है?

लॉन्च के दौरान BillOkay कोई शुल्क नहीं ले रहा है। हमारी टीम WhatsApp पर हर बिल खुद जांचती है। कीमतों की जानकारी आगे चलकर, चरणबद्ध लॉन्च के साथ दी जाएगी।

04

क्या आप मेरी तरफ से अस्पताल से बात करते हैं?

नहीं। BillOkay किसी अस्पताल, बीमा कंपनी या सरकारी संस्था से आपकी ओर से न संपर्क करता है, न बातचीत करता है, न आपकी पैरवी करता है — पत्र और शिकायतें आपके नाम से जाती हैं और आप ही भेजते हैं। जांच के बाद आपको मिलते हैं बातचीत के मुख्य बिंदु, सरकारी रेट के हवाले और तैयार आपत्ति पत्र, जिसे आप खुद अस्पताल के बिलिंग विभाग को दे सकते हैं।

05

क्या मुझे कोई ऐप डाउनलोड करना होगा?

नहीं। BillOkay पूरी तरह WhatsApp पर चलता है — वही ऐप जो 90 करोड़ भारतीय पहले से इस्तेमाल करते हैं। न डाउनलोड, न साइनअप, न पासवर्ड।

आज ही अपना बिल जंचवाएं।

WhatsApp पर हमें अपना अस्पताल का बिल भेजें — या अपना नंबर छोड़ दें, हम आपसे संपर्क करेंगे।

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