कैसे काम करता है
तीन मैसेज।
पूरे बिल की जांच।
आप एक फोटो भेजते हैं। हम हर लाइन पढ़ते हैं। आपको मिलता है साफ हिसाब — क्या ठीक है और क्या नहीं — अंदाज़े से नहीं, सरकारी आंकड़ों के दम पर।

कदम-दर-कदम
मैसेज भेजने के बाद क्या होता है।
हर जांच इसी तरीके से होती है। अभी हर बिल इंसान जांचते हैं, ताकि नतीजे सही हों। AI इंजन जल्द आ रहा है।
WhatsApp पर अपने बिल की फोटो भेजें
नीचे दिया WhatsApp बटन दबाएं और अपने अस्पताल के बिल की फोटो भेज दें। शुरुआत के लिए हमें बस इतना ही चाहिए।
हम बिल की हर लाइन पढ़ते हैं
आपके बिल को ध्यान से पढ़ा जाता है। हर प्रोसीजर, दवा, सामान, कमरे का किराया और डॉक्टर की फीस की पहचान और छंटाई होती है।
सरकारी रेट से मिलान
हर लाइन को पांच सरकारी रेट डेटाबेस से मिलाया जाता है। हम सबसे करीबी मिलान ढूंढते हैं और हिसाब लगाते हैं कि आपसे कितना लिया गया और सरकार के हिसाब से उचित रेट कितना है।
आपकी जांच रिपोर्ट बनती है
आपको मिलता है आइटम-दर-आइटम पूरा हिसाब — ठीक-ठीक कहां और कितना ज़्यादा वसूला गया।
आपका आपत्ति पत्र तैयार होता है
अस्पताल के बिलिंग विभाग के नाम, इस्तेमाल के लिए तैयार पत्र — जिसमें सही नियम, रेट के हवाले और जिन आइटम पर आपत्ति है, वे सब लिखे होते हैं। प्रिंट करें या आगे भेज दें।
आपको क्या मिलता है
बिल पर सवाल उठाने के लिए जो चाहिए, सब।
जांच के बाद आपके हाथ में वे दस्तावेज़ होते हैं जिनसे आप खुद बिल पर सवाल उठा सकते हैं — सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि वे कागज़ात जो आप सीधे थमा सकते हैं।
पूरी जांच रिपोर्ट
आइटम-दर-आइटम जांच। आपके बिल का हर चार्ज परखा गया — साफ नतीजे (ठीक/निशान/गलत) और हर नतीजे की वजह के साथ।
सरकारी रेट के हवाले
हर रेट का सही स्रोत, अधिसूचना नंबर और पन्ने का हवाला। आधिकारिक और जांचने लायक।
कुल ओवरचार्ज की रकम
एक साफ आंकड़ा: सरकारी रेट से ऊपर आपसे कुल कितना ज़्यादा लिया गया। बातचीत में, लिखित में या अदालत में — कहीं भी काम आएगा।
आपत्ति पत्र
आपके बिल के हिसाब से बना। अस्पताल के नाम। नियमों का नाम लेकर हवाला। प्रिंट करने, ईमेल करने या बिलिंग काउंटर पर थमाने के लिए तैयार।
बातचीत के मुख्य बिंदु
क्या कहें, क्या न कहें और बात को कैसे रखें। असली लोगों के लिए, अस्पताल के काउंटर पर होने वाली असली बातचीत के लिए लिखा गया।
आगे शिकायत का रास्ता
अगर अस्पताल न माने: उपभोक्ता मंच, IRDAI (बीमा नियामक — बीमा के मामलों में) या अपने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में शिकायत करने के कदम-दर-कदम निर्देश।
साफ-साफ बात
हम क्या करते हैं — और क्या आपके हाथ में रहता है।
BillOkay जांच और दस्तावेज़ तैयार करने की सेवा है, आपका प्रतिनिधि नहीं। हम गड़बड़ियां ढूंढते हैं और कागज़ात तैयार करते हैं। उन पर कदम उठाना आपका काम है — और यह जानबूझकर है: शिकायत का वज़न तब ज़्यादा होता है जब वह सीधे मरीज़ की ओर से आती है।
BillOkay क्या करता है
- बिल की गड़बड़ियां ढूंढना — सरकारी रेट से महंगी लाइनें, दोहरे चार्ज, देय नहीं (नॉन-पेएबल) आइटम, MRP से ज़्यादा वसूली, पैकेज की दोहरी बिलिंग।
- दस्तावेज़ देना — रुपये-रुपये के हिसाब वाली जांच रिपोर्ट, सरकारी रेट के हवाले, और आपके आंकड़ों के साथ भेजने-लायक तैयार आपत्ति पत्र।
- अगले कदमों की आम जानकारी देना — किस तरह की समस्या आमतौर पर किस संस्था के पास जाती है, किस क्रम में, किन सबूतों के साथ।
क्या आपके हाथ में रहता है
- अस्पताल से बात करना — हम किसी अस्पताल, बीमा कंपनी या सरकारी संस्था से आपकी ओर से न संपर्क करते हैं, न बातचीत, न पैरवी। पत्र आपके नाम से जाते हैं और आप ही भेजते हैं।
- शिकायत दर्ज करना और सुनवाई में जाना — उपभोक्ता मंच की शिकायत, लोकपाल की शिकायत और कोई भी सुनवाई आप करते हैं (या आपका रखा हुआ वकील)।
- यह तय करना कि आपके मामले में क्या ठीक बैठेगा — हमारी सलाह आम जानकारी है। असल में क्या काम करेगा, यह आपके राज्य के कानून, अस्पताल की किस्म, आपने भुगतान कैसे किया (नकद, कैशलेस, रीइम्बर्समेंट, सरकारी योजना), रकम कितनी है — ऐसी बातों पर टिका है जो सिर्फ आप तौल सकते हैं। बड़ी रकम दांव पर हो तो पेशेवर सलाह ज़रूर लें।
प्रक्रिया से जुड़े सवाल
आम सवाल।
क्या BillOkay मेरी तरफ से अस्पताल से बात करेगा या शिकायत करेगा?
नहीं। हम आपके बिल की गड़बड़ियां ढूंढते हैं, दस्तावेज़ तैयार करते हैं और अगले कदमों की आम जानकारी देते हैं — पर हम आपकी ओर से अस्पताल, बीमा कंपनी या किसी संस्था से संपर्क नहीं करते, और न किसी कार्यवाही में आपकी पैरवी करते हैं। पत्र आप भेजते हैं, शिकायत आप करते हैं। यह जानबूझकर है: शिकायत का वज़न तब ज़्यादा होता है जब वह सीधे मरीज़ की ओर से आती है, और आपके मामले में क्या काम करेगा यह उन बातों पर टिका है जो सिर्फ आप जानते हैं — आपके राज्य के नियम, अस्पताल की किस्म, भुगतान का तरीका और रकम।
जांच में कितना समय लगता है?
ज़्यादातर जांचें कामकाजी घंटों में 2-4 घंटे में पूरी हो जाती हैं। मुश्किल बिलों में (ICU में रहना, कई विभागों की सर्जरी) 24 घंटे तक लग सकते हैं। रिपोर्ट तैयार होते ही हम आपको WhatsApp पर मैसेज कर देंगे।
अगर मेरा बिल हाथ से लिखा है तो?
हां, हम हाथ से लिखे बिल भी लेते हैं — पर एक बात के साथ। लिखावट बहुत अलग-अलग होती है, इसलिए समय ज़्यादा लग सकता है और छपे बिल जितनी पूरी जांच का भरोसा हम नहीं दे सकते: अच्छी फोटो में भी कुछ आइटम पढ़े न जा सकें, ऐसा हो सकता है। हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे, जो नहीं पढ़ा गया उस पर अंदाज़ा लगाने की जगह निशान लगाएंगे, और अस्पष्ट आइटम WhatsApp पर आपसे पूछ लेंगे। अच्छी रोशनी में, सीधी ली गई फोटो बहुत मदद करती है; और अगर अस्पताल से छपा हुआ आइटम-वार बिल मिल जाए, तो वही हमेशा बेहतर शुरुआत है।
क्या आप बीमा वाले बिल भी देखते हैं (कैशलेस या रीइम्बर्समेंट)?
हां। बीमा वाले बिलों में हम दो चीज़ें जांचते हैं: (1) क्या अस्पताल ने सरकारी रेट से ज़्यादा वसूला, और (2) जो चीज़ें आपके ज़िम्मे डाली गईं (कटौतियां, देय-नहीं आइटम, को-पे का हिसाब) वे सही हैं या नहीं। अस्पताल का बिल और बीमा का सेटलमेंट लेटर — दोनों हों तो दोनों भेजें।
पुराने बिलों का क्या? कोई समय-सीमा है?
हम किसी भी पुराने बिल की जांच कर सकते हैं। लेकिन आपत्ति के लिहाज़ से, उपभोक्ता संरक्षण कानून इलाज की तारीख से 2 साल के भीतर शिकायत की इजाज़त देता है। पुराने बिलों की जांच अपने रिकॉर्ड के लिए फिर भी करवाई जा सकती है, पर समय बीतने के साथ बातचीत में आपका पलड़ा हल्का होता जाता है।
क्या मेरा सेहत का डेटा सुरक्षित है?
हम DPDP Act 2023 (डेटा सुरक्षा कानून) का पालन करते हैं। आपके बिल की तस्वीरें एन्क्रिप्टेड रहती हैं, भारतीय सर्वर पर प्रोसेस होती हैं और जांच पूरी होते ही अपने आप मिटा दी जाती हैं। हम आपका डेटा किसी तीसरे पक्ष से साझा नहीं करते। आप कभी भी अपना पूरा डेटा मिटवाने की मांग कर सकते हैं।
इसकी कीमत क्या है?
लॉन्च के दौरान BillOkay कोई शुल्क नहीं ले रहा है। हर बिल हमारी टीम खुद, WhatsApp पर एक-एक करके जांचती है। हम इसे पहले परिवारों की मदद के लिए बना रहे हैं। कीमतों की घोषणा बाद में होगी।
अगर कोई ज़्यादा वसूली न मिले तो?
तो आपको मिलती है तसल्ली। हम आपको बता देंगे कि सरकारी रेट के हिसाब से आपका बिल ठीक लगता है। न कोई दबाव, न कुछ और बेचने की कोशिश। फिर भी आपको एक सारांश मिलेगा — हमने क्या-क्या जांचा और वह क्यों ठीक निकला।
जानना है आपका बिल ठीक है या नहीं?
WhatsApp पर अपना अस्पताल का बिल भेजें। पूरी जांच रिपोर्ट के साथ जवाब मिलेगा — आमतौर पर कुछ ही घंटों में।
WhatsApp पर मैसेज करें