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भारत में एंजियोप्लास्टी का खर्च: सरकारी रेट बनाम अस्पताल के चार्ज (2026)

एंजियोप्लास्टी में कितना खर्च आना चाहिए, सरकारी रेट क्या कहते हैं, और बिल का एक हिस्सा ऐसा है जिसकी कीमत कानून से तय है: स्टेंट।

आखिरी अपडेट: 30 जुलाई 2026 · 9 मिनट में पढ़ें

भारत के प्राइवेट अस्पताल में एंजियोप्लास्टी का खर्च आमतौर पर ₹1.5 लाख से ₹4.5 लाख के बीच आता है। इतना फर्क चार चीज़ों से आता है: शहर, अस्पताल का स्तर, स्टेंट की संख्या और किस्म, और केस में कोई जटिलता हुई या नहीं। सरकारी रेट इस दायरे से काफी नीचे हैं। PMJAY (आयुष्मान भारत) का PTCA पैकेज, डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम मिलाकर, ₹40,600 है (स्टेंट अलग), और CGHS (केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना) का पैकेज रेट भी आम प्राइवेट चार्ज से काफी कम है। लेकिन बिल का एक आंकड़ा सिर्फ रेफरेंस नहीं, कानूनी सीमा है: ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट भारत में कहीं भी ₹39,186.03 (GST अलग) से ऊपर बिल नहीं हो सकता।

इस पेज पर ये सारे आंकड़े, एंजियोप्लास्टी पैकेज में क्या शामिल होना चाहिए, और अपना बिल इनसे कैसे मिलाएं — सब समझाया गया है, चाहे इलाज भारत में कहीं भी हुआ हो।

एंजियोप्लास्टी में कितना खर्च आना चाहिए?

ईमानदार जवाब एक रेंज है — नीचे सरकारी रेट, ऊपर मेट्रो शहरों के प्राइवेट अस्पताल। नीचे की टेबल चारों रेफरेंस रेट साथ रखती है। सरकारी पैकेज रेट में स्टेंट शामिल नहीं है — वह अलग से बिल होता है और उस पर NPPA (दवा मूल्य नियामक) की सीमा लागू है।

रेटरकमइसमें क्या शामिल हैस्थिति
CGHS पैकेज (PTCA)₹52,000 – ₹60,000 (अनुमानित)प्रोसीजर पैकेज, स्टेंट अलगCGHS-सूचीबद्ध अस्पतालों पर लाभार्थियों के लिए बाध्यकारी; बाकियों के लिए वाजिब दाम का पैमाना
PMJAY पैकेज (MC011A)₹40,600PTCA, डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम शामिल, स्टेंट अलगPMJAY-सूचीबद्ध अस्पतालों पर योजना के मरीज़ों के लिए बाध्यकारी
प्राइवेट अस्पताल का आम रेट₹1,50,000 – ₹4,50,000 (अनुमानित)पूरा बिल — स्टेंट, कमरा, दवाइयांकोई नियंत्रण नहीं; शहर और अस्पताल के हिसाब से बदलता है
NPPA सीमा: ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट₹39,186.03 (GST अलग)प्रति स्टेंट, 1 अप्रैल 2026 सेभारत के हर अस्पताल पर कानूनी रूप से लागू
NPPA सीमा: बेयर मेटल स्टेंट₹10,762.15 (GST अलग)प्रति स्टेंट, 1 अप्रैल 2026 सेभारत के हर अस्पताल पर कानूनी रूप से लागू

स्रोत: CGHS 2025 रेट लिस्ट (DGCGHS, X-कैटेगरी NABH अस्पतालों के लिए अनुमानित); PMJAY हेल्थ बेनिफिट पैकेज 2.0 रेट लिस्ट, National Health Authority; NPPA सीमा अधिसूचना S.O. 1587(E), 1.4.2026 से लागू। प्राइवेट रेंज अस्पतालों की सार्वजनिक कीमतों से जुटाई गई है; इसे अनुमानित मानें।

आपका बिल इस प्राइवेट रेंज के भीतर है, सिर्फ इससे वह सही नहीं हो जाता — रेंज इतनी चौड़ी इसीलिए है कि बिलिंग के तरीके अलग-अलग हैं। असली काम है अपने बिल की हर लाइन को इन रेट से मिलाना — जिसका तरीका हमारी गाइड CGHS रेट कैसे काम करते हैं में विस्तार से है।

पैकेज में क्या-क्या शामिल होता है?

स्टैंडर्ड एंजियोप्लास्टी पैकेज में प्रोसीजर और उसके आसपास की आम देखभाल शामिल होती है: कैथ लैब के चार्ज, हृदय रोग डॉक्टर और एनेस्थीसिया डॉक्टर की फीस, ज़्यादातर कोटेशन में गाइडवायर और बैलून, भर्ती के दौरान की आम दवाइयां, नर्सिंग, और तय दिनों (आमतौर पर दो-तीन दिन) का कमरा। PMJAY पैकेज में डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम भी इसी दाम में शामिल है।

कुछ चीज़ों का अलग से पैसा लगना जायज़ है। सरकारी पैकेजों में स्टेंट अलग से, असली कीमत पर बिल होता है — NPPA सीमा के भीतर। सचमुच की जटिलता से लंबी भर्ती, खून चढ़ाना, डॉक्टर की सलाह पर ICU, और घर ले जाने की दवाइयां भी सही अतिरिक्त खर्च हैं — बशर्ते हर चीज़ बिल में साफ अलग लाइन में दिखे और आप उसे जांच सकें।

जो नहीं दिखना चाहिए: पैकेज में शामिल एंजियोग्राम का दोबारा बिल, कमरे की कैटेगरी के नाम पर बाकी चार्ज बढ़ाने वाले "सरचार्ज" (बताए गए कमरे के किराये के फर्क से ऊपर), और वे सामान जो पैकेज ब्रोशर में शामिल बताए गए थे। समझ न आए कौन-सा क्या है, तो हमारी गाइड अस्पताल का बिल कैसे पढ़ें से शुरू करें — इसमें बिल के हिस्से और शॉर्ट-फॉर्म समझाए गए हैं।

कानूनी रूप से लागू सीमाएं क्या हैं?

एंजियोप्लास्टी के बिल में स्टेंट की कीमत ही वह हिस्सा है जिस पर पक्की कानूनी सीमा है। NPPA (National Pharmaceutical Pricing Authority — दवा मूल्य नियामक) Drugs (Prices Control) Order के तहत कोरोनरी स्टेंट की अधिकतम कीमत तय करता है। 1 अप्रैल 2026 से यह सीमा ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट के लिए ₹39,186.03 और बेयर मेटल स्टेंट के लिए ₹10,762.15 है, GST अलग (अधिसूचना S.O. 1587(E))। यह देश के हर अस्पताल पर, हर मरीज़ के लिए लागू है — प्राइवेट हो या सरकारी। सीमा से ऊपर वसूलना DPCO के तहत अपराध है, मोल-भाव की बात नहीं।

NPPA का नियम सिर्फ कीमत तक नहीं है। अस्पताल को बिल में स्टेंट का ब्रांड, बैच नंबर और कीमत अलग लाइन में दिखानी होगी। इससे एंजियोप्लास्टी की भर्ती में आपके तीन ठोस हक बनते हैं:

  1. बिल में स्टेंट का ब्रांड और बैच नंबर देखना — "cardiac package" की एकमुश्त लाइन जिसमें स्टेंट की कीमत छिपी हो, इस नियम पर खरी नहीं उतरती।
  2. स्टेंट की असली इनवॉइस और उसकी पैकिंग का बैच स्टिकर मांगना — यह स्टिकर आमतौर पर आपकी केस फाइल में चिपकाया जाता है।
  3. बिल की कीमत को NPPA सीमा से मिलाना। सीमा के ऊपर सिर्फ GST जुड़ता है, और कुछ नहीं।

स्टेंट के आसपास के बाकी चार्ज — कैथ लैब, डॉक्टर की फीस, कमरा — पर प्राइवेट मरीज़ों के लिए ऐसी कोई कानूनी सीमा नहीं है। वहां CGHS और PMJAY रेट वाजिब दाम के पैमाने का काम करते हैं, जिन्हें उपभोक्ता फोरम अब तेज़ी से मान रहे हैं।

अभी-अभी एंजियोप्लास्टी का बिल मिला है? पैसे देने से पहले जांच लें।

अपने बिल की फोटो WhatsApp पर भेजिए। हम हर लाइन को सरकारी रेट से मिलाकर आपको रिपोर्ट भेजते हैं। लॉन्च के दौरान इसका कोई शुल्क नहीं है।

मेरा बिल जांचें

एंजियोप्लास्टी के बिलों में ज़्यादा वसूली के आम तरीके

दिल के इलाज की बिलिंग में गड़बड़ियों के दर्ज मामले ज़्यादातर विभागों से ज़्यादा हैं — भारत भर में कार्डियक और स्टेंट बिलिंग की 35 से ज़्यादा गड़बड़ियां सार्वजनिक रूप से दर्ज हैं, सरकारी ऑडिट, उपभोक्ता फोरम के केस और खबरों की पड़ताल में। तीन पैटर्न बार-बार दिखते हैं।

इन पर नज़र रखें

स्टेंट NPPA सीमा से ऊपर बिल हुआ। मोहाली के एक सार्वजनिक मामले में एक स्टेंट ₹2.64 लाख में बिल हुआ, जबकि उस समय लागू सीमा करीब ₹1.3 लाख थी — कानूनी अधिकतम का लगभग दोगुना। हर स्टेंट की लाइन को मौजूदा सीमा से मिलाएं।

एक ही स्टेंट का दो बार चार्ज। दर्ज मामलों में एक लगाया गया स्टेंट बिल में दो लाइनों में दिखा है। बैच नंबर आपका बचाव है: हर स्टेंट का एक ही बैच स्टिकर होता है, और बिल की गिनती उससे मिलनी चाहिए।

एस्टीमेट चुपचाप बढ़ता जाना। एक दर्ज मामले में ₹12,000 में बताई गई एंजियोग्राफी का बिल ₹15,000 बना। अकेले में छोटे लगते ये फर्क पूरी भर्ती में जुड़कर बड़े हो जाते हैं। लिखित एस्टीमेट संभालकर रखें और डिस्चार्ज पर लाइन-दर-लाइन मिलाएं।

इंसाफ की एक बात: ये अलग-अलग, सार्वजनिक रूप से दर्ज मामले हैं — किसी अस्पताल या पूरे दिल के इलाज पर टिप्पणी नहीं। ज़्यादातर एंजियोप्लास्टी के बिल मोटे तौर पर सही होते हैं। जांच की वजह यह है कि कार्डियक बिलिंग में जब गलती होती है, तो बड़ी होती है — स्टेंट की एक लाइन में ही लाख रुपये का फर्क हो सकता है।

अपना एंजियोप्लास्टी का बिल कैसे जांचूं?

पांच जांचें ज़्यादातर गड़बड़ियां पकड़ लेती हैं। आइटम-वार बिल हाथ में हो तो आप खुद कर सकते हैं, या बिल हमें भेजिए — हम आपके लिए कर देंगे।

  1. आइटम-वार बिल लें। लाइन-दर-लाइन बिल पाना आपका हक है, एकमुश्त समरी नहीं। मांगने पर अस्पताल को देना होगा।
  2. स्टेंट की लाइनें ढूंढें। हर स्टेंट का ब्रांड, बैच नंबर और कीमत दिखे, गिनती वही हो जो डॉक्टर ने बताई थी, और हर कीमत NPPA सीमा (ड्रग-एल्यूटिंग के लिए ₹39,186.03, GST अलग) पर या उससे नीचे हो — यह पक्का करें।
  3. एंजियोग्राम जांचें। पैकेज में डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम शामिल था, तो देखें कि वह अलग लाइन में दोबारा बिल न हुआ हो।
  4. पैकेज के कुल को रेट से मिलाएं। CGHS रेट के कई गुने का प्रोसीजर चार्ज हो, तो बिलिंग डेस्क से लिखित सफाई बनती है।
  5. बिल को एस्टीमेट से मिलाएं। लिखित एस्टीमेट से ऊपर की हर चीज़ की दर्ज मेडिकल वजह होनी चाहिए।

कोई जांच फेल हो, तो आगे बढ़ने से पहले बिलिंग विभाग को लिखित में आपत्ति दें। हमारी गाइड अस्पताल के बिल पर आपत्ति कैसे करें में पूरा क्रम है — आइटम-वार बिल, लिखित शिकायत, राज्य प्राधिकरण, उपभोक्ता फोरम — और चिट्ठी के ऐसे ढांचे जिन्हें आप खुद इस्तेमाल कर सकते हैं।

BillOkay एंजियोप्लास्टी के बिल कैसे जांचता है

अपने बिल की फोटो WhatsApp पर भेजिए — हम हर लाइन को इस पेज के रेट से मिलाते हैं: हर स्टेंट को मौजूदा NPPA सीमा और बैच-डिस्क्लोज़र नियम से, प्रोसीजर चार्ज को CGHS और PMJAY पैकेज रेट से, और दवा की लाइनों को NPPA दवा सीमाओं से। आपको आसान भाषा में ऑडिट मिलता है: हर पकड़ी गई लाइन, उस पर लागू रेट, और रुपयों में फर्क — साथ में अस्पताल के नाम का आपत्ति-पत्र, जिसे आप खुद भेज सकते हैं। पूरा तरीका हमारे how it works पेज पर है। यह भारत में कहीं के भी, किसी भी अस्पताल के बिल पर काम करता है, और लॉन्च के दौरान इसका कोई शुल्क नहीं है।

अपना एंजियोप्लास्टी बिल WhatsApp पर भेजें →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में स्टेंट की अधिकतम कानूनी कीमत क्या है?

1 अप्रैल 2026 से NPPA सीमा ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट के लिए ₹39,186.03 और बेयर मेटल स्टेंट के लिए ₹10,762.15 है, GST अलग। ये सीमाएं Drugs (Prices Control) Order के तहत भारत के हर अस्पताल पर कानूनी रूप से लागू हैं। इनसे ऊपर बिल बनाना अपराध है, मोल-भाव की चीज़ नहीं।

क्या अस्पताल को बिल में स्टेंट की कीमत अलग से दिखानी होगी?

हां। NPPA का नियम है कि अस्पताल बिल में स्टेंट का ब्रांड, बैच नंबर और कीमत अलग लाइन में दिखाए। आपके बिल में सिर्फ पैकेज का कुल है और स्टेंट का कोई ब्योरा नहीं, तो आइटम-वार बिल और स्टेंट की असली इनवॉइस मांगिए। दोनों आपका हक हैं।

क्या एंजियोग्राफी एंजियोप्लास्टी पैकेज में शामिल होती है?

पैकेज की शर्तों पर निर्भर है। PMJAY के PTCA पैकेज (कोड MC011A, ₹40,600) में डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम साफ तौर पर शामिल है। कई प्राइवेट पैकेज इसे अलग बिल करते हैं — कोटेशन में ऐसा बताया गया हो तो ठीक है। लेकिन एक ही एंजियोग्राम पैकेज के अंदर भी और अलग लाइन में भी — यह कभी नहीं होना चाहिए।

एक अस्पताल में एंजियोप्लास्टी ₹1.5 लाख और दूसरे में ₹4 लाख क्यों?

बड़ी वजहें हैं अस्पताल का स्तर और शहर, स्टेंट की संख्या और ब्रांड, कमरे की कैटेगरी, और भर्ती के दिन। स्टेंट की कीमत खुद NPPA सीमा से ऊपर कानूनन नहीं जा सकती, इसलिए दो कोटेशन में बड़ा फर्क आमतौर पर प्रोसीजर चार्ज और कमरे से जुड़ी कीमतों में होता है। दोनों अस्पतालों से आइटम-वार एस्टीमेट लेकर लाइन-दर-लाइन मिलाएं।

क्या मैं जांच सकता हूं कि असल में कितने स्टेंट लगे?

हां। हर स्टेंट का अलग बैच नंबर होता है, और उसकी पैकिंग का स्टिकर आमतौर पर आपकी केस फाइल में चिपकाया जाता है। डिस्चार्ज समरी और कैथ लैब रिपोर्ट में भी गिनती दर्ज होती है। तीनों को बिल की स्टेंट लाइनों से मिलना चाहिए। एक ही स्टेंट के दो बार बिल होने के दर्ज मामले हैं, इसलिए यह दो मिनट की जांच काम की है।

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एंजियोप्लास्टी हुई है? बिल चुकाने से पहले जांच लें।

अपने बिल की फोटो WhatsApp पर भेजिए। हम हर स्टेंट को NPPA सीमा से और हर प्रोसीजर लाइन को CGHS-PMJAY रेट से मिलाते हैं, और आसान भाषा में ऑडिट भेजते हैं — साथ में आपत्ति-पत्र। लॉन्च के दौरान कोई शुल्क नहीं।

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सोम–रवि · जवाब आमतौर पर एक घंटे में